कभी कभी अदिति जिंदगी

कभी कभी अदिति जिंदगी में यूं ही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वो बिछड़ जाये तो एक सपना लगता है
ऐसे में कोई कैसे अपने आंसुओ को बहने से रोके
और कैसे कोई सोच ले everything’s gonna be okay

कभी कभी तो लगे जिंदगी में रही ना खुशी और ना मज़ा
कभी कभी तो लगे हर दिन मुश्किल और हर पल एक सज़ा
ऐसे में कोई कैसे मुस्कुराये कैसे हंस दे खुश होके
और कैसे कोई सोच दे everything gonna be okay

सोच ज़रा जाने जां तुझको हम कितना चाहते है
रोते है हम भी अगर तेरी आँखों में आंसू आते है
गाना तो आता नहीं है मगर फिर भी हम गाते है
के अदिति माना कभी कभी सारे जहाँ में अँधेरा होता है
लेकिन रात के बाद ही तो सवेरा होता है
कभी कभी अदिति जिंदगी में यूं ही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वो बिछड़ जाये तो एक सपना लगता है
हे अदिति हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे तू ज़रा
नहीं तो बस थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा मुस्कुरा

तू खुश है तो लगे के जहाँ में छाई है खुशी
सूरज निकले बादलों से और बाटें जिंदगी
सुन तो ज़रा मदहोश हवा तुझसे कहने लगी
के अदिति वोह जो बिछड़ते है एक न एक दिन फिर मिल जाते है
अदिति जाने तू या जाने न फूल फिर खिल जाते है

कभी कभी अदिति जिंदगी में यूँ ही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वोह बिछड़ जाए तो एक सपना लगता है
(हे अदिति हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे हंस दे तू ज़रा
नहीं तो बस थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा मुस्कुरा)

Advertisements

2 Responses so far »

  1. 1

    Praveen said,

    Nice song.

    checkout this
    http://merakhayal.blogspot.com/2008/01/blog-post.html

    from another film of AAMIR KHAN

  2. 2

    priyankaj said,

    kya baat hein sirji…
    aur kisi ko dedicate kar rahe ho kya?


Comment RSS · TrackBack URI

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: